Aur Fir Nazm Bane

210.00


novels
novels

COD
Format:Paperback
ISBN-13: 978-8193367339

Category:

Description

Aur Fir Nazm Bane: और फिर नज़्म बने महज एक सफर ही नहीं बल्कि दिल से निकला एक एहसास है | एहसास रिश्तों का , एहसास मोहब्बत का , एहसास तजुर्बो का , एहसास अपनों से बिछड़ने का और खोने का | दरअसल ज़िन्दगी वो नहीं जो हम जीते है , ज़िन्दगी तो उन लम्हो में है जिसे हम खो चुके होते है | तो आइये उन हसीं लम्हो की तरफ चलते है एक सफर में – और फिर नज़्म बने|

Reviews

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Aur Fir Nazm Bane”

Your email address will not be published. Required fields are marked *